
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए से की मुलाकात
अयोध्या। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस औपचारिक मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से कम नामांकन के कारण शिक्षकों के वेतन अवरोध, छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति और शिक्षक समायोजन जैसे गंभीर विषयों को उठाया। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज तकनीक या ऑनलाइन उपस्थिति का विरोधी नहीं है, लेकिन सरकार को यह भी समझना होगा कि बिना मूलभूत समस्याओं का समाधान किए केवल नियम थोप देना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में डिजिटल व्यवस्था लागू करना चाहती है, तो सबसे पहले शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, मजबूत नेटवर्क व्यवस्था और मानवीय कार्य परिस्थितियाँ उपलब्ध करानी होंगी। आज शिक्षक विद्यालय में पढ़ाने से अधिक समय पोर्टल, डेटा फीडिंग, सर्वे और विभागीय कार्यों में दे रहा है। ऐसे में केवल “ऑनलाइन उपस्थिति” को जवाबदेही का प्रतीक बनाना शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाना है।
उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर मुद्दा कम नामांकन के आधार पर शिक्षकों के वेतन को अवरुद्ध किया जाना रहा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से बताया गया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से शिक्षकों की समस्याओं पर सकारात्मक संकेत दिए गए, जिससे शिक्षक समाज में आशा जगी है। लेकिन अब आवश्यकता केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि संवेदनशील और ठोस निर्णयों की है।
इस दौरान जिला कोषाध्यक्ष सचिन त्रिपाठी, अलोकेश रंजन जिला संयुक्त मंत्री, विकास सिंह रामजी सिंह राज नारायण सिंह विक्रम सूर्यवंशी, द्वारकाधीश उपाध्याय ब्लाक मंत्री बीकापुर, चंद्र शेखर सिंह ब्लॉक अध्यक्ष मिल्कीपुर राजेश कुमार ब्लॉक मंत्री मिल्कीपुर अमित कुमार अनुपम, शिव शंकर सोनी ब्लॉक अध्यक्ष मवई शिवेंद्र प्रताप सिंह सूरज, विनय पांडे बीकापुर अश्वनी तिवारी कौशलेंद्र पाठक महेंद्र तिवारी शक्ति सिंह, अखिलेश तिवारी मो रिजवान तौहीद खान सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।
